बृहस्पतिवार, 18 जून 2009

आपकी समस्याओ के समाधान


आज कोई भी हो उसकी कोई न कोई समस्या होती हैं, आपकी भी होगी जैसे प्यार, नौकरी, व्यवसाय, घर-परिवार और जमीन आदि। क्या आप जानना चाहते हैं कि आप कि इन समस्याओ का समाधान क्या हैं तो मैं आप को एक नायब तरीका बता रहा हूँ। एक तो जितने भी गुरु जी महाराज समाधान बताने कि कोशिश करे हैं वो ख़ुद पैसे की समाया से घिरे होते हैं, आप उन पाखंडियो के पास न जाकर आप अपनी परेशानी को जान कर उसका हल तलाश करे। आप को इन पाखंडियो कि सच्चाई क्या हैं वो ही बताने जा रहा हूँ।
आज सभी धार्मिक चैनलों पर कुछ कार्यक्र्म में देखते होंगे की एक बाबा जी जो काफ़ी प्रचलित हैं। बोलते हैं कि आप मूँगा पहनो, आप मोती, आप कुछ, आप कुछ और कुछ बताते हैं कि आपकी जन्मपत्रि बताती है कि आप बहुत नाम कमाएँगे आप को बड़ा ही आश्चर्य होता हैं की ये तो बड़े ही विद्वान हैं सब जानते हैं। लेकिन सच मानिए ये कमाल के पाखंडी होते हैं कैसे तो सुनिए इनका मकसद बस पैसा कमाना हैं, न कि आपकी परेशानी दूर करना। अब आप ही बताओ कि जो बाबा जी अपने प्रोग्राम के लिए १००००० से २००००० रुपए/ महीना तक चैनल को देते हैं तो आप को फ्री में तो कुछ नही बताने वाले। जनाब ये आपको मकडी के जाले कि तरह धीरे धीरे खोपचे में लेते हैं। पहले तो ये आप से फोन कराते हैं फिर मिलने के लिए बोलते हैं और मिलकर आप के सामने आपकी कुंडली ऐसे खोलते हैं की आप घबरा जाते हैं फिर आप को बताते हैं की आपने यदि ये पाठ नही किया या ये उपाय नही किया तो सर्वनाश ओ जाएगा अब आप पर निर्भर करता हैं आप फसना चाहते हैं या नही !
अब इन की असलियत आप ऐसे भी जान सकते हैं ये किसी की जन्मपत्री को देख कर नही बता सकते कि ये सचिन बनेगा या अमिताभ ..................हाँ कल जब आप बन जाओगे तो कहेंगे की इनकी जनमपत्रि में लिखा हैं की इनको तो ओबामा बनना ही था।

7 टिप्पणियाँ:

बेनामी ने कहा…

its very good,i am agree with your veiws on babas.

Navneet Kaur ने कहा…

yes...i m agree with u...ye sab bekar ki baate hai....bure k baad acha hoga...to agar aapka time bura chal raha hai to acha b jarur hoga...ye baba kuch nahi kar skte...inhe bhagwan na maniye

Science Bloggers Association ने कहा…

फंसना तो कोई नहीं चाहता, पर सभी धर्म की कथाओं में दुआओ, मंत्रो, तंत्रों की इतनी महिमा गाई गयी है कि धर्म में आस्था रखने वाले लोग फंस ही जाते हैं।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

ढोल की पोल खोल दी।
शुक्रिया।

बेनामी ने कहा…

This is very well percieved that you have written in your blog about these thugs, are very true. I have done some research on it and the way they give solution to any probs can be betttered by any philosopher. Well done....hope to see more awakening blogs...

Kumar Vijendra Bhushan
vijendrabhushan@gmail.com

vinod kumar bajpai ने कहा…

Contemparory aaj kal ye aam baat ho gayi hai.Ye lekh Ankhe kholne wala ha.Mai to inki writing ka fan banta ja raha hu.

Pawan Kumar ने कहा…

i agry with u my friend